द सिक्स्थ सेंस... - 1 रितेश एम. भटनागर... शब्दकार द्वारा थ्रिलर में हिंदी पीडीएफ

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द सिक्स्थ सेंस... - 1

नोट- ये कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है, इसका किसी भी तरह से जीवित या म्रत व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है, इस कहानी को लिखने का उद्देश्य मात्र मनोरंजन है|

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"दीपावली खत्म होने के बाद जहां एक तरफ दिन में बारिश की हल्की हल्की फुहारों ने दिल्ली वालों को सर्दियां शुरू होने से पहले गुलाबी सर्दी का एहसास कराया और सबके चेहरे इस बदले हुये खुशनुमा मौसम की वजह से खिल उठे वहीं दूसरी तरफ शाम ढलते ढलते दिल्ली से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आयी है और वो ये कि दिल्ली के मशहूर और नामचीन बिज़नेसमैन राकेश सिंघानिया का एकलौता बेटा राजवीर सिंघानिया बेहद बुरी तरह से घायल अवस्था में पुरानी दिल्ली के जमुना पुल के नीचे बने पुल को साधने वाले बड़े पिलर्स के ऊपर बेहोश पड़ा मिला है, इस खबर के आते ही दिल्ली पुलिस के हाथ पैर फूल गये और आनन फानन में उसे सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुयी है, हमारे संवाददाता ने जब अस्पताल के डॉक्टरों से बात करने की कोशिश करी तब उन्होंने बताया कि सिर पर गहरी चोट लगने और काफी खून बह जाने के कारण फिलहाल राजवीर अभी कोमा में है और अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी|
हम लगातार बने हुये हैं इस खबर के साथ आप लोग कहीं जाइयेगा नहीं, मिलते हैं एक छोटे से ब्रेक के बाद"

बारिश की फुहारों के बाद शाम के सुहाने मौसम में हुये गुलाबी सर्दी के एहसास ने जहां एक तरफ दिल्ली वालों को एक सुखद एहसास कराया था वहीं रात होते होते प्राइम टाइम की इस न्यूज ने सबको हैरानी में डाल दिया था, वजह थी राकेश सिंघानिया का हमेशा सुर्खियों में बने रहना, वो अपने बेबाक अंदाज और बोल्ड डिसीज़न्स की वजह से हर रोज किसी ना किसी खबर में बने रहते थे चाहे फिर न्यूज पेपर में छपी खबरों के जरिये चाहे न्यूज चैनल्स में आने वाली खबरों के जरिये..!!

राकेश सिंघानिया की अगर बात करें तो पचास की उम्र में भी उनका लाइफ स्टाइल बड़ा ग्लैमरस था, दिल्ली के महरौली समेत दिल्ली के आसपास की खूबसूरत लोकेशन्स और दिल्ली के बाहर भी कई जगहों पर उनके कई बड़े बड़े फार्म हाउस थे जिनमें अक्सर बड़ी बड़ी लेटनाइट पार्टियां हुआ करती थीं, जिनमें शहर के बड़े बड़े अधिकारी, पत्रकार और नेता शरीक होते थे और इन सबके साथ उन पार्टियों में होता था.... शराब, शबाब और कबाब..!!

राकेश सिंघानिया की बीवी प्रीती सिंघानिया भी अपने पति की ही तरह बेहद मॉडर्न औरत थीं, वो खुद भी एक बिज़नेस वुमेन थीं और उनके पूरे दिल्ली में कई स्पा सेंटर और यूनिसेक्स जिम थे |

राकेश सिंघानिया और प्रीती सिंघानिया थे तो पति पत्नि लेकिन दोनों ही एक दूसरे के पर्सनल स्पेस का पूरा ध्यान रखते थे, एक ही घर में रहने के बावजूद भी कई कई दिन ऐसे गुजर जाते थे जब वो एक दूसरे से मिलते ही नहीं थे और इसकी वजह थी कि दोनों का अपना अपना सर्किल था दोनों कभी पार्टी करने के नाम पर तो कभी बिज़नेस ट्रिप के नाम पर दिल्ली से बाहर रहा करते थे, इन दोनों को ही अपनी अपनी आजादी इतनी प्यारी थी कि राजवीर के पैदा होने के 6 महीने बाद ही उसे अपने घर में काम करने वाली आया और नौकरों को पालने के लिये दे दिया था, राजवीर जब थोड़ा बड़ा हुआ और स्कूल जाने लायक हुआ तो उसे बोर्डिंग स्कूल भेज दिया गया था और अाज भी जब वो बुरी हालत में जमुना पुल के नीचे बेहोश मिला तब भी वो सिर्फ तीन महीने पहले ही यूएसए से अपने ग्रेजुएशन और एमबीए की पढ़ाई पूरी करके वापस इंडिया आया था लेकिन इत्तेफाक से आज राकेश और प्रीती दोनों दिल्ली में ही थे, जब उन्हें पुलिस वालों ने कॉल करके राजवीर के ऐसी हालत में मिलने की खबर दी तो वो भागे भागे सफदरजंग अस्पताल पंहुच गये थे|

चूंकि बड़े आदमी के बेटे का केस था इसलिये पुलिस ने भी बिना देर किये इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दी थी और राकेश और प्रीती से की गयी पूछताछ के बाद जब पुलिस को ये बात पता चली कि राजवीर बचपन से ही हिमांचल प्रदेश के एक बोर्डिंग स्कूल में रहा और दिल्ली सिर्फ छुट्टियों में आता था और उसके बाद वो ग्रेजुएशन और एमबीए करने के लिये यूएसए में रहा तो पुलिस के सामने भी सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो गया था कि जब राजवीर यहां दिल्ली में रहा ही नहीं तो फिर उसका ऐसा कौन सा दुश्मन है जिसने आज उसे इतनी बुरी तरह से पीटा कि वो जिंदगी और मौत के बीच झूलता हुआ कोमा में पड़ा हुआ है|

क्रमशः